Samkit Dayak Vijay Ramchandra Suri

२२. रामायण में संस्कृति का आदर्श

अहमदाबाद के प्रेमाभाई हॉल में “रामायण में संस्कृति का आदर्श” विषय पर दिये गये प्रवचन जिंदगी भर याद रह जायें ऐसे थे। ये प्रवचन खूब ही रसप्रद एवं प्रभावी थे। व्याख्यान शुरू होने के आधे घंटे पहले ही प्रेमाभाई हॉल खचाखच भर जाता था। ये प्रवचन चातुर्मासिक थे। २३ प्रवचन रविवार को हुए थे।

इसमें विशेषता यह थी कि इसमें एक भी रविवार वर्षा के कारण प्रवचन बंद नहीं रहा। तीन-चार दिन लगातार वर्षा होने पर ऐसा लगता था कि कल रविवार को प्रवचन नहीं हो पाएगा। परंतु ऐसा नहीं हुआ। पूज्यश्री ज्ञानमंदिर से रवाना होकर प्रेमाभाई हॉल पधारे और प्रवचन देकर वापस ज्ञानमंदिर पहुंचे तब तक बारिश बिल्कुल नहीं हुई। यह पूज्यश्री के प्रबल पुण्योदय का ही परिणाम था।